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गरà¥à¤¦à¤¨ दरà¥à¤¦ से हो सकती है ये गंà¤à¥€à¤° बीमारी, जानें लकà¥à¤·à¤£ व कारण
गरà¥à¤¦à¤¨ में होने वाले दरà¥à¤¦ को आमतौर पर लोग नजरअंदाज करते हैं, लेकिन कई बार यह दरà¥à¤¦ बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। गरà¥à¤¦à¤¨ में दरà¥à¤¦ किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के महिला -पà¥à¤°à¥à¤· और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हो सकता है। लाइफ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² के कारण पिछले कà¥à¤› सालों में सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस के रोगियों में बेतहाशा वृदà¥à¤§à¤¿ हà¥à¤ˆ है।
कà¥à¤¯à¤¾ है सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिसÂ
गरà¥à¤¦à¤¨ का दरà¥à¤¦ जो सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, वह सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस कहलाता है। यह गरà¥à¤¦à¤¨ के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡, दोनों कंधों, कॉलर बोन तक पहà¥à¤‚च जाता है। इससे गरà¥à¤¦à¤¨ घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ में परेशानी होती है और कमज़ोर मासपेशियों के कारण, हाथों को उठाना à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस
-कई बार जोड़ों (कंधों के जोड़ ) और गरà¥à¤¦à¤¨ के जोड़ों में दरà¥à¤¦ सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक à¤à¥€ होता है, लेकिन अधिकतर मामलों में à¤à¤¸à¤¾ नहीं होता।
-सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस होने के और à¤à¥€ कई कारण हैं जैसे कि उमà¥à¤° का बà¥à¤¨à¤¾ और ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ का होना.
-कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन डी की कमी के कारण हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का कमज़ोर हो जाना।
-सोते समय ऊंचा तकिया रखना, लेटकर पढना, टीवी देखना और घंटों कंपà¥à¤¯à¥‚टर के सामने बैठना।Â
-घंटों à¤à¤° सिलाई बà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ करना।Â
-गलत ढंग से और शारीरिक शकà¥à¤¤à¤¿ से अधिक बोठउठाना।
-गठिया से पीड़ित रोगी।
-लंबे समय तक डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¤¿à¤‚ग करना।Â
-कई गंà¤à¥€à¤° चोट या फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤šà¤° के बाद हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कà¥à¤·à¤¯ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होने लगती है।Â
-धà¥à¤®à¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¥€ à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारण है।Â
लकà¥à¤·à¤£ व परेशानियांÂ
-कई बार गरà¥à¤¦à¤¨ का दरà¥à¤¦ हलके से लेकर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकता है।
-गरà¥à¤¦à¤¨ में दरà¥à¤¦ और गरà¥à¤¦à¤¨ का अकड़ना, सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को गंà¤à¥€à¤° करने वाले मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हैं।Â
-सर में पीछे की ओर दरà¥à¤¦ का होना।Â
-गरà¥à¤¦à¤¨ को घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ पर गरà¥à¤¦à¤¨ में पिसने की आवाज़ आना।Â
-चकà¥à¤•र आना।
-कंधों में दरà¥à¤¦ और जकड़न पैदा होना।
-हाथों में सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤ªà¤¨ होना।
-दरà¥à¤¦ दोनों हाथों की उंगलियों में जाना, जिसे हम सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल रेडीकà¥à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ कहते हैं। यह नस के दबने की वजह से होता है।Â
-गरà¥à¤¦à¤¨ में सूजन आ जाती है।
-सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस की समसà¥à¤¯à¤¾ सिरà¥à¤« जोड़ और गरà¥à¤¦à¤¨ के दरà¥à¤¦ तक ही सीमित नहीं रहती, समसà¥à¤¯à¤¾ गंà¤à¥€à¤° होने पर बà¥à¤–ार, थकान, उलटी होना, चकà¥à¤•र आना, à¤à¥‚क की कमी जैसे लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई दे सकते हैं।Â
अगर आप और आपके किसी संबंधी को ये परेशानियां हैं तो तà¥à¤°à¤‚त अपने नज़दीकी फिज़ियोथीरेपिसà¥à¤Ÿ से मिलें और सलाह लें
कà¥à¤¯à¤¾ करें
-बैठते समय गरà¥à¤¦à¤¨ को सीधा रखें।
-गाड़ी चलाते समय पीठको सीधा रखें।
- गदà¥à¤¦à¥‡ की बजाय तखà¥à¤¤ पर सोये।
-नरà¥à¤® व कम ऊंचाई वाले तकिये का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।Â
-पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाà¤à¤‚, खासकर à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ जो विटामिन डी और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हो।Â
-गरà¥à¤¦à¤¨ की सिकाई. तीवà¥à¤° दरà¥à¤¦ होने पर गरम पानी में नमक डालकर सिकाई करें। दिन में कम से कम तीन से चार बार करें. दरà¥à¤¦ को जलà¥à¤¦à¥€ आराम देने में काफी लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है।
इनसे परहेज रखेंÂ
-धà¥à¤®à¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ न करें।Â
-चाय और कैफीन का सेवन कम करें।
-गरà¥à¤¦à¤¨ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक à¤à¥à¤•ाकर न बैठें।
-लेटकर टीवी न देखें।Â
-लगातार कंपà¥à¤¯à¥‚टर पर न बैठें. अगर à¤à¤¸à¤¾ करना ज़रूरी है तो गरà¥à¤¦à¤¨ को थोड़ी थोड़ी देर में इधर उधर घà¥à¤®à¤¾à¤¤à¥‡ रहे।Â
-ऊंचे तकिये का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— न करें।Â
फिज़ियोथेरेपी
फिजियोथेरेपिसà¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤°Â तनà¥à¤µà¥€ चौहान के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® दरà¥à¤¦ की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ को कम करते हैं और साथ साथ अकड़े हà¥à¤ जोड़ों और मासपेशियों को à¤à¥€ ठीक करते हैं। हालांकि फिज़ियोथेरेपी वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को करते समय यह बात हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें की अगर किसी à¤à¥€ समय à¤à¤¸à¤¾ लगे की दरà¥à¤¦ बॠरहा है तो वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कदापि न करें। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को कम से कम दो बार अवशà¥à¤¯ करें।Â
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
इसके लिठकà¥à¤› खास किसà¥à¤® के à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ आप कर सकते हैं।
1. रेंज ऑफ़ मोशन à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œÂ
-अपने सिर को दाà¤à¤‚ तरफ कंधे तक à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚। थोडा रà¥à¤•ें और फिर मधà¥à¤¯ में लायें। यह कà¥à¤°à¤® बाà¤à¤‚ तरफ à¤à¥€ करें।
-अपनी ठà¥à¤¡à¥à¤¡à¥€ को नीचे की तरफ à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚, रà¥à¤•ें और फिर सिर को पीछे ले जायें।Â
-अपने सिर को बाà¤à¤‚ तरफ के कान की तरफ मोडें, रà¥à¤•ें और फिर मधà¥à¤¯ में लायें। यह कà¥à¤°à¤® दाà¤à¤‚ तरफ à¤à¥€ करें।
 2. इसोमेटà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ
इस à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को करते समय सांस को रोकें नहीं। हर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को पांच से छह बार तक करें और शरीर को ढीला छोडें।Â
-अपने माथे से हथेलियों पर दबाव दें और सिर को अपनी जगह से हिलने न दें।
-अपनी हतेलियों का दबाव सिर के बाà¤à¤‚ तरफ दें और सर को हिलने न दें. यही कà¥à¤°à¤® दाà¤à¤‚ तरफ à¤à¥€ करें। अपनी हतेलियों का दबाव सिर के पीछे दें और सिर को सà¥à¤¥à¤¿à¤° रखें।
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